चौसठ योगिनी मंदिर- हूबहू दिखता है, संसद भवन (Chausath Yogini Mandir Morena )


चौसठ योगिनी मंदिर- हूबहू दिखता है, संसद भवन

  (Chausath Yogini Mandir Morena )


भारत देश के कोने कोने में एक कहानी छिपी हुई है। ऐसी कहानियां जो बताती है कि हमारा इतिहास कितना समृद्ध था। हमारे देश भारत की सभ्यता इतनी पुरानी है और निरंतर चली रही है, हजारो सालो के आक्रमणों और गुलामी के शासन के बाद भी हमारी संस्कृति बची हुई है। दुनिया मे शायद ही कोई ऐसा उदाहरण हो जो अपनी सभ्यता और संस्कृति को इतने सालों तक बचा पाया हो। एक ऐसी ही रोचक कहानी है मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के मितावली में स्थित चौसठ योगिनी मंदिर  की। आइये जानते है कुछ महत्वपूर्ण तथ्य-


Chausath Yogini Mandir Morena
Chausath Yogini Mandir Morena


चौसठ योगिनी मंदिर इतिहास (History of Chausath Yogini Mandir in Morena)

  • भारत  में चौसठ-योगिनी chausath yogini mandir मंदिर की संख्या चार हैं। दो ओडिशा में तथा दो मध्य प्रदेश में। लेकिन मध्य प्रदेश के मुरैना में स्थित चौसठ योगिनी मंदिर का सबसे प्राचीन है। कई भूकंप झेलने के बाद भी यह मंदिर अच्छी अवस्था मे आज भी खड़ा हुआ अपने गौरवशाली अतीत की कहानी सुना रहा है। इस मंदिर को 'तांत्रिक विश्वविद्यालय' के नाम से भी जाना जाता था। यह मंदिर खगोलशास्त्र, गणित और तंत्र विद्या का प्रमुख स्थान था, तांत्रिक सिद्धियों की प्राप्ति के लिए देश विदेश के लोग आकर यज्ञ किया करते थे।इस मंदिर को "इकंतेश्वर महादेव मंदिर" के नाम से भी जाना जाता है। 



चौसठ योगिनी मंदिर मुरैना,chausath yogini mandir
चौसठ योगिनी मंदिर मुरैना 


  • यह मंदिर मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में ग्राम पंचायत मितावली, थाना रिठौराकलां, में स्थित है। इस मंदिर की ऊंचाई भूमि तल से लगभग 300 फीट है।यह मंदिर 1323 ई में बना था और इस प्राचीन मंदिर का निर्माण प्रतिहार क्षत्रिय राजाओं ने करवाया था। लगभग 100 सीढ़िया चढ़ने के बाद इस मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।यह मंदिर सौ से ज़्यादा पत्थर के खंभों पर टिका है। यह एक शिव का मंदिर है जो एक व्रत के आकार में बना हुआ है और इसमे चौसठ कमरे है और सभी मे शिवलिंग विराजमान है, इसी कारण से इसे चौसठ योगिनी मंदिर कहा गया है। बीच मे एक मंदिर है जिसमे एक विशाल शिवलिंग है।


Chausath Yogini Mandir Morena
Chausath Yogini Mandir Morena


  • भारतीय पुरातत्व विभाग के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण नवीं सदी में कराया गया था। एक समय पर कमरों में भगवान शिव के साथ देवी योगिनी की मूर्तियां भी स्थापित हुआ करती थीं, इसी वजह से मंदिर का नाम "चौंसठ योगिनी शिवमंदिर" पड़ा ।उन मूर्तियों में से कुछ देवी की मूर्तियां चोरी हो चुकी हैं और कुछ मूर्तियों को दिल्ली  के संग्रहालयों में रखा गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार,यह मंदिर अब प्राचीन ऐतिहासिक स्मारक है।



एडविन लुट्येन्स ने मंदिर की तर्ज पर बनवाया संसद भवन

मंदिर की सबसे रोचक बात यह है कि ये मंदिर पूरी तरह से हमारे देश के संसद भवन से मेल खाता है,ना सिर्फ बाहर से बल्कि अंदर से भी ये मंदिर संसद भवन जैसा ही दिखता है। संसद भवन जिसका निर्माण ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुट्येन्स ने करवाया था, उन्होंने इसी मंदिर से प्रेरणा ली परंतु कही भी इसका उल्लेख नही मिलता है, शायद इसका कारण यह है कि ब्रिटीश हमेशा अपनी चीजो को ही सर्वश्रेष्ठ बताते थे। हालांकि आप इस प्राचीन और महान मंदिर के फोटो की तुलना संसद भवन से करके खुद अंदाजा लगा सकते है। यह जानकारी आज की तिथि में इसलिए भी ज्यादा महत्व रखती है क्योंकि अभी कुछ समय पहले ही भारतीय सरकार ने नया संसद भवन बनाने का फैसला लिया है क्योंकि वर्तमान संसद भवन सुरक्षा के हिसाब से पुराना हो चुका है और भूकंप आदि सहने के लिए मजबूत नही रहा। लेकिन कई भूकंप सहने के बाद भी यह हजार साल पुराना मंदिर आज भी वैसे ही खड़ा है। ये दर्शाता है कि हमारा प्राचीन इतिहास कितना समृद्ध था और तब की वास्तुकला वैज्ञानिक रूप से बहुत समृद्ध थी। हमे अपने देश की संस्कृति पर गर्व करना चाहिए।



Chausath Yogini Mandir Morena
Parliament (sansad bhawan )







Note-आप इस पोस्ट पर हमे अपनी राय दे सकते है। पोस्ट अच्छा लगा तो प्लीज like ,share and comment कीजिये। चौसठ योगिनी मंदिर- हूबहू दिखता है संसद भवन
धन्यवाद



SHARE

Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

Post a Comment

please do not enter any spam link in the comment box.